Switch to the dark mode that's kinder on your eyes at night time.

Switch to the light mode that's kinder on your eyes at day time.

Switch to the dark mode that's kinder on your eyes at night time.

Switch to the light mode that's kinder on your eyes at day time.

Category: आलेख

कर्नाटक में प्राप्त एक अनूठी प्रतिमा

डॉ. महेन्द्रकुमा जैन ‘मनुज’, इन्दौर कर्नाटक के जमखाण्डी के निकट हलिंगली में खुदाई के दौरान एक प्राचीन व अद्भुत जैन प्रतिमा प्राप्त हुई थी ऐसा बताया जाता है। इसके चिह्न आदि देखकर इसे भगवान आदिनाथ व भगवान महावीर की संयुक्त ‘आदिवीर’ प्रतिमा माना गया है। जिस तरह ‘नरसिंह’ आधा मनुष्य, आधा सिंह की मूर्ति मिलती More

Read More »

Vastu Tips: घर की महत्वपूर्ण दिशा-उत्तर पूर्व दिशा

Vastu Tips: घर की महत्वपूर्ण दिशा-उत्तर पूर्व दिशा जब तक कोई भूमि खाली पड़ी होती है उसका कोई Vastu नहीं होता किंतु जैसे ही नींव पड़ती है,दीवारें खड़ी होती है वहां वास्तु पुरुष की मंडल स्थित हो जाते हैं ।पूरी भूमि का वह भूमि खंड अब वास्तु के दायरे में आ जाता है।और दिशा में More

Read More »

मूर्ति पूजा करें या ना करें ?

हमारे समाज में अनेक लोग हैं जो ईश्वर के साकार रूप (मूर्ति) की पूजा करते हैं और वह भी अनेक रूपों में। जैसे-राम, कृष्ण, शिव, लक्ष्मी, राधा, पार्वती, सरस्वती, नरसिंह ,गणेश आदि। किन्तु कई ऐसे लोग भी हैं जो इस पद्धति अर्थात मूर्ति पूजा को नहीं अपनाते। जैसे-आर्य समाज, ब्रम्ह समाज, कबीर पंथी, इस्लाम आदि। More

Read More »

पद्मश्री डॉ. उषा यादव का बाल साहित्य

मनुष्य के जीवन मे साहित्य की जो भूमिका है, वही बाल साहित्य की बालक के संदर्भ में हैं। बाल साहित्य सृजन का इतिहास सौ वर्ष से भी पुराना होने के बावजूद अधिकांश हिंदी बाल रचनाकारों के समक्ष बाल साहित्य विमर्श या समालोचना की अवधारणा स्पष्ट नहीं हैं। इस कारण विषय का गहन अध्ययन कठिन हो More

Read More »

बृहत्तर सामाजिक सन्दर्भों की लेखिका मन्नू भंडारी

Mannu Bhandari  लैंगिक असमानता,वर्गीय असमानता और आर्थिक असमानता को अपनी रचनाओं के माध्यम से दूर करने की कोशिश करने वाली,नारी के परिवेश की विभिन्न समस्याओं के विविध पहलुओं को गहराई के साथ देखने वाली और साहस तथा तटस्थता के साथ उसे यथार्थ के धरातल पर प्रस्तुत करने वाली लेखिका मन्नू भंडारी अब हमारे बीच नहीं More

Read More »
hindi sahitya

साहित्य में अवसरवाद

साहित्य में अनेक वाद-विवाद हुये उनके निष्कर्ष से साहित्य में अनेक नये मानदंड भी स्थापित हुए जो साहित्य के स्वरूप को एक निश्चित दृष्टिकोण भी देते रहे हैं। न जाने कितने साहित्यिक मनिषियों ने इस अनवरत चलने वाले साहित्य-यज्ञ में अपनी लेखनी से हविष्य देकर साहित्य की अखंड ज्ञान अग्नि को प्रज्वलित रखा। उन सभी More

Read More »

श्रम और श्रमिकों की प्रतिष्ठा

संत विनोबा भावे ने श्रमिकों को शेषनाग कहकर समादृत किया है। सचमुच यह धरती दिनभर श्रम करने वाले श्रमिकों पर टिकी है। वेदों में भी श्रम की महत्ता को स्थापित किया गया है। ऋग्वेद और यजुर्वेद में इस संबंध में वर्णन किया गया है। ऋग्वेद में परमात्मा विद्वानों से हल चलाने के लिए कहते हैं। More

Read More »
परवरिश

बच्चों की परवरिश – एक कठिन कार्य

बाल मनोविज्ञानियों के अनुसार दुनिया का सबसे कठिन कार्य बच्चों की सही परवरिश है क्योंकि इसका कोई बंधा हुआ नियम नहीं होता है लेकिन बच्चे वही करते हैं जो वह अपने बड़ो से सीखते हैं. बच्चे जिनकी मानसिकता गीली मिट्टी की तरह होती है। हम बड़े उस पर जो कुछ लिखते जाते हैं वही उनका More

Read More »
senior-citizen

बुजुर्गों की मनोदशा

हम अक्सर देखते हैं कि बुजुर्गों में अकेलेपन का आभास रहता है कभी सोचा है आपने, `ऐसा क्यों होता है?’ क्योंकि जब हम अपना जीवन वृद्धावस्था तक जी लेते हैं तो जीवन के उन खट्टे-मीठे पलों को किसी ना किसी से बताने की जिज्ञासा सी बनी रहती है अगर किसी से बताते भी है तो More

Read More »
Back to Top

Log In

Or with username:

Forgot password?

Don't have an account? Register

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.

होम
मैगज़ीन
सारे केटेगरी
अकाउंट
पोस्ट करे