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हमारी अपनी संस्कृति का भारत

हमारी अपनी संस्कृति का भारत

हमारी अपनी संस्कृति का भारत

तीज त्यौहारों का भारत,

ख़ुशियों से सरोबर भारत,

दिवानी मस्तानी में झूमता भारत,

खेत खलिहानों में बसता भारत,

देश के प्रति समर्पित सेना का भारत,

प्रेम प्यार नेह का भारत,

धरा से आसमान को निहारता भारत,

नई पौध के बचपन का भारत,

शिखरता की मंज़िलों को चूमता भारत,

तम से उजास की और बढ़ता भारत,

विश्व में विजयी पताका लहराता भारत,

देश रक्षा में अटल भारत,

माटी की ख़ुशबू से नहाता भारत,

कल कल करती नदीयों का भारत

उद्योग विकास की दुनिया बसाता भारत

मज़दूरों की मेहनत के खून पसीने का भारत,

माताओं बहनो के समर्पण का भारत,

सभी धर्मों का प्रेम बरसाता भारत,

ये है नमस्ते और गुरु ज्ञान का भारत,

माँ भारती के जन जन का भारत,

देश के लिए मर मिटे वीर सपूतों का भारत,

मेरा भारत आपका भारत हम सबका भारत।

…देवेंद्र बंसल इंदौर

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