मन का आईना
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मन का आईना

मन के आईने में जो देखा,

बस तू ही तू नज़र आया,

मन के आईने में जो देखा,

दिल के कोने में,

बैठा तू नज़र आया,

मेरी साँसों में,

खुशबू की तरह,

बस तू ही तू छाया,

मन के आईने में जो देखा,

दिल के कोने में,

बैठा तू नज़र आया,

रात को जो सोयी,

ख़्वाबों में बस तू, नज़र आया,

मन के आईने में जो देखा,

दिल के कोने में,

बैठा तू नज़र आया।।

Faza Saaz

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    स्वामी विवेकानंद

    भारतीय अध्यात्म और राष्ट्रवाद के अन्तरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी विवेकानंद

    SLR 4933

    नारी – स्वयं सम्पूर्ण