"10 बेहतरीन शायरी जो आप को आपका बचपन याद दिला दे"
" बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो
चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे "
"उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते
"
" मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है उम्र का बेहतरीन हिस्सा है "
"मेरा बचपन भी साथ ले आया गाँव से जब भी आ गया कोई "
"फ़रिश्ते आ कर उन के जिस्म पर ख़ुश्बू लगाते हैं वो बच्चे रेल के डिब्बों में जो झाड़ू लगाते हैं "
" दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम "
"किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है "
'जमाल' हर शहर से है प्यारा वो शहर मुझ को जहाँ से देखा था पहली बार आसमान मैं ने
" हम तो बचपन में भी अकेले थे सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे "
" भूक चेहरों पे लिए चाँद से प्यारे बच्चे बेचते फिरते हैं गलियों में ग़ुबारे बच्चे "
" बड़ी हसरत से इंसाँ बचपने को याद करता है ये फल पक कर दोबारा चाहता है ख़ाम हो जाए "