चाणक्य के कुछ चौका देने वाली नीति

जिंदगी में खत्म होने जैसा कुछ नहीं होता हमेशा नई राह आपका इंतजार कर रही होती है

क्या क्या खोया है इस पर विचार करके अपना समय नष्ट करने से अच्छा क्या क्या पाना है इस पर विचार करे तो ज्यादा अच्छा है

जरूरी नहीं कि हर उपहार कोई वस्तु ही हो प्रेम, परवाह और इज्जत बहुत अच्छे उपहार हैं किसी को देने के लिए

शिक्षक कभी साधारण नहीं होता। प्रलय और निर्माण उसके गोद में खेलतें हैं

खुद को बदलने का आसान तरीका है स्वीकारना जिस समय हम गलतियों को स्वीकार लेते हैं, उसी समय परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है

परमात्मा सभी को एक ही मिट्टी से बनाता है बस फर्क इतना है कि कोई बाहर से खूबसूरत होता है .. तो कोई भीतर से

अहंकार ' तभी उत्पन्न होता है जब मनुष्य यह भूल जाता है कि प्रशंसा उसकी नही बल्कि उसके गुणों ' की हो रही है

धन मित्रता को खा जाता है क्रोध बुद्धि को खा जाती है और अभिमान आत्मज्ञान को खा जाता

आप स्वयं को तब तक स्वतंत्र नही कह सकते, जब तक आप दूसरों को प्रभावित करने के लिए खुद में बदलाव लाते रहेंगे

जब आपके एक से अधिक दुश्मन हो तो वहा शारीरिक तौर पर नहीं दिमागी तौर पर लड़ना शुरू करें