चंद्रशेखर आजाद की क्रांतिकारी शायरी 

बड़ी कुर्बानियों के बाद हमने आजादी को पाया है, आजाद की देशभक्ति को हमने दिल में बसाया है.

देश के कण कण में तेरा अब भी वही मरजाद है मातृभूमि पर मिटने वाले तेरा अमर नाम आजाद है ।

वो भारत का राष्ट्रभक्त दीवाना आजादी का मातृभूमि पर मिटने वाला सीना उसका फौलादी का

आजाद नाम है मेरा मैं करता नहीं चूक बंदूक से तू तो उड़ जाएगा फिरंगी बस मेरी इक फूँक से ।

दुश्मन की गोलियों का सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही मरेंगे।

जशन आज़ादी का मुबारक हो देश वालो को, फंदे से मोहब्बत थी हम वतन के मतवालो को।

आजाद की आजादी छीन नहीं पायें, अंग्रेज अपनी इस हार पर बड़ा शर्मायें।

सत्य-अहिंसा की भाषा जब अंग्रेजों को समझ में नहीं आई, पंडित चंद्रशेखर आजाद ने तब अपनी बन्दूक उठाई।

एक अकेले योद्धा को घेर अंग्रेजों ने जाल में फांस ली प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क में आजाद ने अंतिम सांस ली ।

धन्य हुईं भारत माता आजाद जैसा देशभक्त वीर पाकर दुश्मन का शीश झुका दिया जिसने खुद को गोली मारकर |