Shayari on moon

खोया खोया चांद खुला आसमान आंखों में सारी रात जायेगी तुम को भी कैसे नींद आयेगी हो खोया खोया चांदखुला आसमान आंखों में सारी रात जायेगी तुम को भी कैसे नींद आयेगी हो खोया खोया चांद...

ये चांद सा रोशन चेहरा जुल्फो का रंग सुनहरा ये झील सी नीली आंखें कोई राज है इनमें गहरा तारीफ करूं क्या उसकी जिसने तुम्हें बनाया...

तुम आए तो आज मुझे याद गली में आज चांद निकला जाने कितने दिनों के बाद गली में आज चांद निकला...

चांद ने कुछ कहा, रात ने कुछ सुना चांद ने कुछ कहा, रात ने कुछ सुना तू भी सुन बेखबर प्यार कर ओह ओह प्यार कर आई है चांदनी, मुझसे कहने यही...

सूरज डूबा निकला चांद छत पर आया मेरा चांद

उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा

चाँद में तू नज़र आया था मुझे मैं ने महताब नहीं देखा था