श्री पीयूष कुमार गोयल,10 फ़रवरी १९६७ को माता रविकांता गोयल व पिता डॉ देवेंद्र कुमार गोयल,मध्यम परिवार में जन्मे, यांत्रिक अभियंता, ५८ वर्षीय, २९ साल के अनुभव, आपने नौकरी के साथ साथ हो काम किया हैं, वो शायद आपने पहले कभी सुना हो, गोयल ने ईश्वर के आशीर्वाद से १८ पुस्तकें हाथ से लिख अपने देश हिंदुस्तान का नाम विश्व में ऊँचा किया हैं,क्या आपने पहले कभी सुना था, कोई व्यक्ति सुई से, कार्बन पेपर से,मेहंदी कोन से,फ्लूइड पेन से,फैब्रिक कोन लाइनर से,और आयरन नेल से पुस्तकें लिख सकता हैं, जी हाँ आपने सही सुना, और पीयूष की तीन पुस्तकें वृंदावन में “वृंदावन शोध संस्थान” में रखी गई हैं, सुई से लिखी पुस्तक ने वर्ल्ड रिकॉर्ड(World Record Association)बनाया हैं उनके नाम दो लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स भी हैं,पीयूष की १० पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं, पीयूष के इस काम को कई संस्थानों द्वारा सम्मानित भी किया हैं,क्षेत्रीय स्तर पर क्रिकेट अम्पायरिंग करने वाले पीयूष गोयल गणित पर भी काम कर चुके हैं उनके तीन पेपर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं, आज कल पीयूष पत्रिकाओं के लिए लघु कथा भी लिख रहे हैं,साथ ही साथ पीयूष मोटिवेशनल स्पीकर का काम भी कर रहे हैं जो बिलकुल निःशुल्क हैं क़रीब १०००० छात्र छात्राओं को अपने मोटिवेशन से मोटीवेट कर चुके हैं और कर रहें हैं. पीयूष आजकल १९ वी पुस्तक मनपसंद लेखक “रामधारी सिंह दिनकर” जी की “रश्मिरथी” को रंगीन पेंसिल से दर्पण छवि में लिख रहें हैं. अंत में उनका लिखा हुआ एक प्रसिद्ध कथन”मैं एक दीया हूँ मेरा काम हैं चमकना,हो सकता हैं मेरी रोशनी कम हो पर दिखाई बहुत दूर से दूँगा”. Awards: 1.Limca Book of Records(2Times). 2.World Record(World Record Association).For writing World First Hand Write Needle book Madhushala 3.Dr.Sarvepalli Radhakrishnan Award-2021. 4.इंडियन बैस्टीज़ अवार्ड- 2021. 5.Fanatixx Spectrum Award. 6.Criticspace Literary Award-2022. 7.Guest of Honour-Tittle( Best Entrepreneur of the Year Award-2022. 8.हिन्द शिरोमणि सम्मान-2023. 9.कबीर कोहिनूर सम्मान-2023. १०.मुंशी प्रेमचंद समर्पण समाज गौरव-2024 ११.राष्ट्रीय गौरव सम्मान-२०२४ १२.27th International Juno Award-2024