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लाल गुलाबी श्वेत बैंगनी फूलों से भर दो। पर्यावरण रक्षा में प्रकृति हरी भरी कर ...
कल्पना के नक्षत्र से अंबर के प्रतिमान पर द्विदिप्त कोई तारा उत्सव आज मना रहा है...
अभी तो सिर्फ झांकी है, बड़ा प्रतिशोध बाकी है। नहीं है जिन में मानवता, दिखा द...
मैं भरी रही मैं से प्रेम आया तो निकल गया छूकर प्रेम और मैं की कतई नह...
Sahityanama Jun 14, 2025 0 60
कोई मंदिर का दर गाता कोई मस्जिद गाता है कोई गाता है गिरिजाघर कोई गुरुघर गाता ...
Sahityanama Jun 14, 2025 0 26
तुम अमृतमयी थीं सदैव ही मेरा अस्तित्व तुम से ही तो है जो लोरियां सुना के सुलाय...
Sahityanama Jun 14, 2025 0 23
तनिक नहीं सुख पाये अम्मांँ अपने बालकाल में बड़े-बडे़ दुख पाये अम्मांँ अपने जीवन ...
Sahityanama Jun 14, 2025 0 19
आज कल की दोस्ती, सब कुछ बदल गया डिजिटल दुनिया में यारों का तो खूब प्यार पाया
आँसू थमकर पलकों पर जम गए। राह में आपकी कई पल बीत गए। सफलता प्यार में कभी ना ...
Sahityanama Jun 14, 2025 0 22
ख़ज़ाना है बड़ा अनमोल जीने का सहारा है, दुआएँ माँ की मिल जाएँ यही उपहार प...
समाज के निर्माण में है जिनकी महत्ता, मजदूरों को समर्पित है मेरी कविता। श्...
टूट रहा था घर और मकान माँ के मरते
जिनका मर जाता है ज़मीर, वे लफ्जों को अल्फाज नहीं बना सकते, आमिर का अलम बन जाती ...
Sahityanama Jun 14, 2025 0 10
आरी काटती है लकड़ी वसूला देता है आकार रन्दा छीलता है चिकना करता है छेनी त...
धरा पर स्वर्ग देखने चला था, तूने वो क्या दृश्य दिखा दिया, चंद पल खुशी क...
Sahityanama Jun 21, 2024 0 2.9k
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