एक शाम डॉ विनोद प्रकाश गुप्त 'शलभ' के नाम
एक शाम डॉ विनोद प्रकाश गुप्त 'शलभ' के नाम
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स्वर संगम फाउण्डेशन और नवल प्रयास (शिमला) के संयुक्त तत्वावधान में डॉ विनोद प्रकाश गुप्त 'शलभ' के सम्मान में एक शाम सोमवार दिनांक 31/08/2026 को स्थानीय विरंगुला केन्द्र में आयोजित किया गया जिस में एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल गोष्ठी का एहतमाम किया गया।
स्वर संगम फाउण्डेशन के संस्थापक हृदयेश मयंक ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया। शलभ जी को शॉल और पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया और समारोह अध्यक्ष राकेश शर्मा व अतिथि सैयद रियाज़ रहीम को पुष्प गुच्छ देकर उनका सम्मान किया। उसके बाद हृदयेश मयंक ने स्वागत वक्तव्य दिया और माइक मंच संचालक मुस्तहसन अज़्म को सौंप दी।
माइक संभालते ही संचालक ने तमाम कवियों और कवित्रियों से अपनी एक रचना की गुजारिश करते हुए गायक दीपक खेर को स्टेज पर आने की दावत दी, दीपक खेर ने शलभ जी की एक ख़ूबसूरत ग़ज़ल अपनी दिलकश आवाज़ में गा कर मुशायरा की शुरूआत की। इस के बाद इरफ़ान शेख़ ने अपनी ग़ज़ल पेश की फिर संचालक ने विनोद प्रकाश जी को दावत ए सुख़ दी, उन्होंने करीब एक घंटे तक अपनी ग़ज़लों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। उसके बाद बाज़ाब्ता एक शानदार ग़ज़ल गोष्ठी का एहतमाम हुआ और श्रोताओं ने भर पूर लुत्फ़ उठाया।
इस गोष्ठी में कृष्ण गौतम, अवधेश विश्वकर्मा नमन, क़मर हाजीपुरी, अर्चना झा, अर्चना वर्मा सिंह, किरन मिश्र, भूपेन्द्र मिश्र, अर्चना उर्वशी, डॉ शैरानी किरण, मुस्तहसन अज़्म, डॉ अनिल गौड, जाकिर सरदार, रवि केडिया आदिल, जे पी बघेल, भगवान कौशिक, आरिफ़ महमूदाबादी, येआती, गुलशन मदान, प्रमोद कुश तन्हा, नरोत्तम शर्मा, रशीद बशर, हृदयेश मयंक, सैयद रियाज़ रहीम, राकेश शर्मा ने अपनी अपनी रचनाएं पेश कीं और श्रोताओं का मन मोह लिया। मुस्तहसन अज़्म के कुशल संचालन ने गोष्ठी को न सिर्फ़ दिलकश और पुर वक़ार बनाया बल्कि इस शाम को यादगार बना दिया।
अन्त में स्वर संगम फाउण्डेशन के सदस्य रमन मिश्र ने गायक दीपक खेर, अतिथि विनोद प्रकाश गुप्त, मंच संचालक मुस्तहसन अज़्म, तमाम कवियों व कवित्रियों और उपस्थित श्रोताओं के प्रति हृदय से आभार वयक्त किया। अंत में ग्रूप फोटोग्राफ़ी भी हुई।
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