आँसू अभी तक रुके नहीं ( पहलगाव ).

May 25, 2025 - 21:46
 0  2

बलबीर( काल्पनिक),धार्मिक प्रवृत्ति वाला इंसान,अपने माता पिता के साथ हरियाणा के एक गाँव में रहता था.बलवीर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में एक अच्छी पोस्ट पर कार्यरत था.घर में सिर्फ़ एक छोटी बहन जो १२ वीं कक्षा में पढ़ती थी.
बलबीर घर पर ही आया हुआ था,रविवार का दिन था,पापा ने बलवीर को फ़ोन करके कहा बेटा घर पर जल्दी से आ जाओ,कुछ लोग तुम्हें देखने आए हैं.बलवीर दोस्तों को बोलकर,मैं मिलता हूँ थोड़ी देर में घर पर कुछ लोग मिलने के लिए आए हुए हैं.
घर पर पहुँच कर देखा की कुछ लोग उसी का इंतज़ार कर रहें हैं.बलवीर समझ चुका था,बलवीर ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया, क़रीब आधा घंटे की मुलाक़ात के बाद, देखिए रिश्ता हमे पसंद हैं,आप लोग भी लड़की देखने का प्रोग्राम बना लो,आख़िर शादी का दिन तय हो गया,दोनों तरफ़ खुशियों का माहौल था ….बलवीर की शादी बड़े ही धूम धाम से हुई.
समय बीतता रहा,एक दिन बलवीर अपने माता पिता से बोला,हम लोग घूमने जाना चाहते हैं,माता जी तुरंत बोली हाँ हाँ बेटा जरूर घूमने जाओ,हम दोनों भी सोच रहे थे और तेरे से कहने ही वाले थे,पिता जी एक दम से बोले बेटा कहाँ जाने का प्रोग्राम बना रहे हो,पिता जी हम लोग कश्मीर जाने की सोच रहें हैं,माता जी व पिता जी दोनों ने कश्मीर जाने के लिए मना कर दिया, हालात ठीक नहीं हैं वहाँ न जाकर कहीं और का प्रोग्राम बना लो,पर बलवीर नहीं माना पिता जी अब ऐसी कोई बात नहीं हैं, हालात तो ठीक हैं.
बलवीर एक सप्ताह का प्रोग्राम बना कर कश्मीर पहुँच गए,सब ठीक ठाक चल रहा था.
होटल में पहुँच कर प्रोग्राम बना लिया की कल पहलगाँव घूमेंगे,होटल से जैसे ही बाहर निकले,बहुत जोर-जोर से धमाके की कई आवाजें सुनाई दी चारों तरफ़ अफ़रा तफरी का माहौल,किसी को कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था ,चारों तरफ़ पुलिस ही पुलिस माइक पर अनाउंस हो रहा था जो जहाँ भी हैं वही रहें आतंकी हमला हुआ हैं.
होटल में लगे टीवी पर न्यूज़ से पता चला की पाकिस्तान ने आतंकी हमला किया हैं, करीब २०-२५ लोगो की मृत्यु हुई हैं और उन लोगो को निशाना बनाया गया जिनकी नई नई शादी हुई थी.
बलवीर की पत्नी बलवीर के गले लग कर रोने लगी,बलवीर की आँखों में भी आँसू थे, काश हम भी पहले तैयार हो जाते ….
टीवी पर न्यूज़ देखकर गमगीन से सोच रहे थे घर पर पिता जी माता जी व बहन का क्या हाल हो रहा होगा, फ़ोन भी नहीं लग रहे थे,कल रात ही बताया था हम लोग पहलगाम पहुँच गए हैं.
थोड़ी देर बाद होटल में स्थानीय पुलिस को आते हुए देखा,पुलिस ने पूरे होटल की तलाशी ली,दोनों के आधार कार्ड की फोटो भी ली,दोनों के मोबाइल नम्बर व घर के भी मोबाइल नम्बर लिए.
बलवीर की पत्नी पुलिस वालो से बोली भैया हमारा एक काम कर दो,एक तो हमे सुरक्षित रेलवे स्टेशन पहुँचवा दो,उनमें से एक पुलिस वाला बोला हाँ हाँ आप लोग चिंता न करे सब प्लान हो रहा हैं आपको ही  नहीं सभी को सुरक्षित पहुँचा दिया जाएगा, भैया दूसरा एक घर पर फ़ोन करवा दो, पुलिस वाले ने मना कर दिया अभी नेटवर्क नहीं हैं,आप लोग चिंता न करे हम लोगो ने फ़ोटोज़ आधार कार्ड व मोबाइल नम्बर ले लिए हैं जैसे ही नेटवर्क आयेगा फ़ोटोज़ के साथ सब लोगो के घर सूचित कर दिया जाएगा.
और हाँ एक चीज का ध्यान रखना जब कभी भी आप लोगो की जरूरत पड़ेगी पूछताछ की आप लोगो को सहयोग करना होगा, बलवीर बोला सर जब भी आप लोगो को हमारी जरूरत पड़ेगी हम पूरा सहयोग करेंगे.
किसी तरह से बलवीर अपने घर पहुंचा सभी लोग बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे( परिवार वालों को पहले ही सूचित कर दिया गया था). बलवीर माता पिता से व बहन भाभी से गले लग कर बहुत रोयें,पिता जी आप सही कह रहे थे.
बलवीर ने बताया की हम वहाँ से कुछ ही दूरी पर थे, मैं तो जल्दी तैयार हो गया था तुम्हारी बहू की वजह से लेट हो गए और बच गए,जैसे जैसे मोहल्ले वालो को पता चलना शुरू हुआ सब मिलने आने लगे, कई न्यूज़ वाले भी आए.
एक दिन एक फोन आया,पूछने लगा आप बलवीर बोल रहे हैं और आप घर पर ही है.
हाँ जी मैं घर पर ही हूँ आप कौन, फोन कट गया.
थोड़ी देर बाद घंटी बजी, देखा तो चार पुलिस वाले बाहर खड़े थे, बलवीर ने स्वागत किया आओ सर आओ और अपने ड्राइंग रूम में ले गया,घर के सभी लोग भी आ गए, पुलिस वालो ने सिर्फ़ पानी पिया पूछताछ की और पूरी पूछताछ की वीडियोग्राफी भी की.
और अंत मैं बलवीर ने यही बोला सर हम लोग आप लोगो की वजह से वापिस आ गए और हाँ अपने देश की तीनों सेनाओं को भी सलाम ( मेरे पास शब्द नहीं हैं) करता हूँ जिनकी वजह से पूरा देश सुख और शांति से रह रहा हैं, और हाँ सर जब भी आप लोगो को हमारी जरूरत पड़े आपका हमेशा स्वागत हैं.
पुलिस वालो ने विदा ली और पूरे परिवार की आंखों में आँसू थे.
बलवीर बोला माता जी और पिता जी आप सही कह रहे थे.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
PiyushGoel श्री पीयूष कुमार गोयल,10 फ़रवरी १९६७ को माता रविकांता गोयल व पिता डॉ देवेंद्र कुमार गोयल,मध्यम परिवार में जन्मे, यांत्रिक अभियंता, ५८ वर्षीय, २९ साल के अनुभव, आपने नौकरी के साथ साथ हो काम किया हैं, वो शायद आपने पहले कभी सुना हो, गोयल ने ईश्वर के आशीर्वाद से १८ पुस्तकें हाथ से लिख अपने देश हिंदुस्तान का नाम विश्व में ऊँचा किया हैं,क्या आपने पहले कभी सुना था, कोई व्यक्ति सुई से, कार्बन पेपर से,मेहंदी कोन से,फ्लूइड पेन से,फैब्रिक कोन लाइनर से,और आयरन नेल से पुस्तकें लिख सकता हैं, जी हाँ आपने सही सुना, और पीयूष की तीन पुस्तकें वृंदावन में “वृंदावन शोध संस्थान” में रखी गई हैं, सुई से लिखी पुस्तक ने वर्ल्ड रिकॉर्ड(World Record Association)बनाया हैं उनके नाम दो लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स भी हैं,पीयूष की १० पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं, पीयूष के इस काम को कई संस्थानों द्वारा सम्मानित भी किया हैं,क्षेत्रीय स्तर पर क्रिकेट अम्पायरिंग करने वाले पीयूष गोयल गणित पर भी काम कर चुके हैं उनके तीन पेपर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं, आज कल पीयूष पत्रिकाओं के लिए लघु कथा भी लिख रहे हैं,साथ ही साथ पीयूष मोटिवेशनल स्पीकर का काम भी कर रहे हैं जो बिलकुल निःशुल्क हैं क़रीब १०००० छात्र छात्राओं को अपने मोटिवेशन से मोटीवेट कर चुके हैं और कर रहें हैं. पीयूष आजकल १९ वी पुस्तक मनपसंद लेखक “रामधारी सिंह दिनकर” जी की “रश्मिरथी” को रंगीन पेंसिल से दर्पण छवि में लिख रहें हैं. अंत में उनका लिखा हुआ एक प्रसिद्ध कथन”मैं एक दीया हूँ मेरा काम हैं चमकना,हो सकता हैं मेरी रोशनी कम हो पर दिखाई बहुत दूर से दूँगा”. Awards: 1.Limca Book of Records(2Times). 2.World Record(World Record Association).For writing World First Hand Write Needle book Madhushala 3.Dr.Sarvepalli Radhakrishnan Award-2021. 4.इंडियन बैस्टीज़ अवार्ड- 2021. 5.Fanatixx Spectrum Award. 6.Criticspace Literary Award-2022. 7.Guest of Honour-Tittle( Best Entrepreneur of the Year Award-2022. 8.हिन्द शिरोमणि सम्मान-2023. 9.कबीर कोहिनूर सम्मान-2023. १०.मुंशी प्रेमचंद समर्पण समाज गौरव-2024 ११.राष्ट्रीय गौरव सम्मान-२०२४ १२.27th International Juno Award-2024