दुर्गा पूजा के आर्थिक महत्व

दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह त्योहार खुदरा व्यापार, पर्यटन, कारीगरी और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में इसका विशेष योगदान है और यह जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि करता है। दुर्गा पूजा के दौरान व्यापार, होटल उद्योग, और हस्तशिल्प क्षेत्र में तेजी आती है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार और आय प्राप्त होती है।

Apr 6, 2026 - 11:49
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दुर्गा पूजा के आर्थिक महत्व
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शक्ति रूपा माँ दुर्गा पूजा के आर्थिक महत्व बहुत अधिक हैं। दुर्गा पूजा न केवल सांस्कृतिक विरासत और त्योहार है बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव भी है। दुर्गा पूजा का प्रभाव न केवल पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत अधिक पड़ता है। खुदरा और पर्यटन से लेकर कारीगरी एवं रोजगार तक दुर्गा पूजा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर बहुत योगदान देती है।
दुर्गा पूजा का आर्थिक प्रभाव बहुत बड़ा है। यह त्यौहार बंगाल के जीडीपी पर अकेले २.५ज्ञ् के लगभग योगदान देता है। ब्रिटिश काउंसिल लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के अनुसार दुर्गा पूजा ने अकेले बंगाल में ४.५ बिलियन आर्थिक गतिविधि उत्पन्न की। दुर्गा पूजा के वार्षिक उत्सव में देश की अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को बहुत लाभ मिलता है। पूजा के मौसम में खुदरा बिक्री कई व्यवसायों के राजस्व में ३० से ४०ज्ञ् के लगभग योगदान देती है। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, आभूषण तथा घरेलू सजावट की सामग्री की बिक्री बहुत बढ़ जाती है। पर्यटन क्षेत्र में भी काफी हलचल देखी जाती है। कोलकाता के पंडाल देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। मैसूर का दशहरा बहुत ही प्रसिद्ध है। ऐसे जगहों पर होटल व्यवसाय को बहुत ही लाभ मिलता है। बड़े-बड़े शहरों में पूजा के साथ-साथ डांडिया नाइट का भी आयोजन होता है। इससे होटल व्यवसाय को बहुत मुनाफा होता है।

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दुर्गा पूजा में हजारों कारीगरों और उसके परिवार को रोजगार मिलता है। एक अनुमान के अनुसार देश के करोड़ो कारीगर गणेश पूजा और दुर्गा पूजा की मूर्ति निर्माण पर निर्भर रहते हैं। बंगाल में लगभग ५०,००० कारीगर दुर्गा पूजा पर ही निर्भर हैं। यह त्यौहार वित्तीय लाभ के अलावा पारंपरिक शिल्प कला को भी जीवित रखता है।
दुर्गा पूजा का त्यौहार विज्ञापन और मीडिया के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। अमेजॉन पर पूजा के मौसम में वार्षिक विक्री देखने को मिलती है। यह त्यौहार देश में अस्थाई और मौसमी दोनों प्रकार के रोजगार सृजन करता है। दुर्गा पूजा के समय आयोजित सांस्कृतिक आयोजनों में बहुत सारी कलाओं के कलाकारों को प्रोत्साहन मिलता है। दुर्गा पूजा की पहचान हमेशा देश में बनी रहेगी। दुर्गा पूजा न केवल संस्कृति बल्कि इसकी आर्थिक जीवन्तता का भी प्रतिनिधित्व करती है।

मनोरमा शर्मा 'मनु'

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