कविता

अमर रहे

अमर रहे वो बसंती चोला, जिसे पहन हुए वीर कुर्बान , अमर रहे वो तेरा तिरंगा, चूमे ...

श्रद्धा सुमन चढ़ाएं।

ट्ठारह सौ सत्तावन की  पहली जो चिंगारी थी, आज़ादी हासिल करने की  छोटी सी तैयारी...