कैंसर का कुनबा बढ़ा रहे जंक फूड
जंक फूड का सेवन भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बड़ी मात्रा में किया जाने लगा है। लोगों की दिनचर्या में बदलाव होने के कारण और समय न होने के कारण ज्यादातर युवा जंक फूड पर ही निर्भर होने लगे हैं। जिनमें ज्यादा मात्रा प्रोसेस्ड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की होती है। पर शायद आप नहीं जानतीं कि टेस्टी और ईजीली अवेलेबल ये जंक फूड आपके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा कर रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, फास्ट फूड , जंक फूड का सेवन करने वालों में कैंसर का खतरा अन्य लोगों की तुलना में 40 फीसदी तक अधिक होता है।कैंसर का कुनबा महामारी की तरह फैल रहा है. कैंसर की वजह से मौत के मामलों में भी इजाफा हो रहा है. खानपान की गलत आदतों की वजह से यह बीमारी बढ़ रही है. क्या आप जानते हैं।डॉक्टरों का कहना है कि खानपान की गलत आदतें कैंसर के बढ़ने की बड़ी वजह है. खासतौर पर फास्ट फूड का ज्यादा सेवन आपको इस बीमारी का शिकार बना सकता है. जो लोग अपने जीवन में नियमित रूप से जंक फूड खा रहे हैं उनको आंतों का कैंसर होने का रिस्क ज्यादा होता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, फास्ट फूड का सेवन करने वालों में कैंसर का खतरा अन्य लोगों की तुलना में 40 फीसदी तक अधिक होता है. इसमें 40 साल से ज्यादा उम्र वालों में इसके मामले ज्यादा रिपोर्ट किए जाते हैं. पेट में होने वाले कैंसर के 90 फीसदी मामले गलत खानपान से ही जुड़े हैं.
चिंता की बात यह है कि बीते कुछ सालों में फास्ट फूड का चलन काफी बढ़ गया है. छोटों बच्चों को इस भोजन की काफी आदत हो गई है. लेकिन यह ठीक नहीं है. फास्ट फूड कम उम्र में ही कैंसर के कुनबे को बढ़ा
बढ़ा रहा है. इसकी शुरुआत में पेट में दर्द की परेशानी होती है और खाना पचने में भी समस्या होने लगती है. धीरे-धीरे ये बीमारी पेट में पनपने लगती है. शुरुआत में लोग इसकी पहचान नहीं कर पाते है. यही कारण है कि अधिकतर मामले एडवांस स्टेज में आते हैं.
फास्ट फूड को बनाने के लिए स्वीटनर और केमिकल का यूज किया जाता है. ये भी कैंसर के कुनबे के रिस्क बढ़ा रहे है. कुछ फास्ट फूड को बनाने के लिए एक ही तेल को कई बार यूज किया जाता है. ये तेल खतरनाक बन जाता है और कैंसर फैलने का रिस्क को बढ़ाता है. ऐसे में लोगों को फास्ट फूड के सेवन में परहेज करना चाहिए.रिसर्च में पता चला है कि जंक और प्रोसेस्ड फूड को खाने से कैंसर हो सकता है. इससे ब्रेन ट्यूमर के होने का भी खतरा है.
पिछले कुछ सालों से देश में जंक फूड खाने का चलन काफी बढ़ गया है. बच्चे हों या बुजुर्ग सभी लोग पिज्जा- बर्गर जैसे फास्ट फूड को खा रहे हैं. इनसे कई प्रकार की बीमारियां भी होती हैं. लोगों को मानना है कि ऐसे भोजन से केवल पेट संबंधी परेशानी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है.अगर आप भी फास्ट फूड खाते हैं तो अब सावधान होने की जरूरत है. एक रिसर्च में पता चला है कि जंक और प्रोसेस्ड फूड को खाने से कैंसर हो सकता है. इससे ब्रेन ट्यूमर के होने का भी खतरा है.
इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने कहा कि जंक फूड ओवेरियन कैंसर और ब्रेन ट्यूमर का खतरा पैदा कर सकता है. 200,000 लोगों पर पिछले 10 साल में की गई रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है.अध्ययन के लेखक डॉ आरा चांग ने कहा कि यूके में औसत व्यक्ति अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का काफी सेवन करते हैं. ऐसे भोजन को खाने से हमारा शरीर वैसा रिस्पांस नहीं देता है जो स्वस्थ खाने से मिलता है. रिसर्च में यह पता चला है कि फास्ट फूड से मिलने वाली कैलोरी में हर 10 फीसदी का इजाफा कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है. इसमें ओवेरियन कैंसर होने का जोखिम 19 फीसदी तक हो सकता
विशेष रूप से महिलाओं में प्रतिदिन जंक फूड खाने से आंतों के कैंसर होने का रिस्क काफी बढ़ रहा है. जंक फूड के साथ-साथ कोल्ड ड्रिंक भी हेल्थ को नुकसान पहुंचा रही है.
जंक फूड का सेवन भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में बड़ी मात्रा में किया जाने लगा है। लोगों की दिनचर्या में बदलाव होने के कारण और समय न होने के कारण ज्यादातर युवा जंक फूड पर ही निर्भर होने लगे हैं। जिनमें ज्यादा मात्रा प्रोसेस्ड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की होती है। पर शायद आप नहीं जानतीं कि टेस्टी और ईजीली अवेलेबल ये जंक फूड आपके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे पैदा कर रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक स्टडी से पता चला है कि ज्यादा प्रोसेस्ड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
किसी भी चीज को प्रोसेस करने से किसी भी भोजन की प्राकृतिक अवस्था खत्म हो जाती है। प्रोसेस्ड फूड नमक, तेल, चीनी या अन्य पदार्थों को मिलाकर बनाए जाते हैं। इनके उदाहरणों में डिब्बाबंद मछली या डिब्बाबंद सब्जियां, फ्रूट सिरप, और ताज़ी ब्रेड शामिल हैं।
कुछ खाद्य पदार्थ अल्ट्रा प्रोसेस्ड होते हैं। इसमें चीनी, नमक, वसा, और आर्टिफिशियल रंग या प्रिज़र्वेटिव जैसे कई अतिरिक्त तत्वों को शामिल किया जाता है। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कई खाद्य पदार्थों से निकाले गए पदार्थों से बने होते हैं, जैसे कि वसा, स्टार्च, अतिरिक्त शुगर और हाइड्रोजनीकृत वसा। उनमें आर्टिफिशियल रंग, फ्लेवर या स्टेबलाइजर्स जैसे पदार्थ भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए फ्रोजन फूड, सोफ्ट ड्रिंक, हॉट डॉग और फास्ट फूड, पैकेज्ड कुकीज़, केक और नमकीन स्नैक्स।
हमारा बच्चा फास्ट फूड और जंक फूड ज्यादा पसंद करता है, तो यह समझ लीजिए कि उसके खान-पान में पश्चिमी फूड की घुसपैठ हो चुकी है और छोटे बच्चों में पाइल्स के केस आने लगे हैं। जबकि पहले सिर्फ 30 से ज्यादा उम्र वालों में पाइल्स, फिशर जैसी बीमारियां होती थीं।
फास्ट फूड,जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड,ज्यादा मीठी चीज और कोल्ड ड्रिंक्स इन चीजों को खाने में तो मजा आता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर को मोटापा, अनेक प्रकार के कैंसर,डायबिटीज, हार्ट डिजीज जैसी कई गंभीर बीमारियां दे देती हैं.
सेहतमंरहने में खानपान की दत सबसे बड़ी भूमिका होती है. आप जितनी हेल्दी लाइफ चाहते हैं, आपकी डाइट भी उतनी ही हेल्दी होनी चाहिए. स्वाद के चक्कर में कई ऐसी चीजें हैं जो सेहत को पूरी तरह बर्बाद करने का काम करती हैं. फास्ट फूड, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा मीठी चीज और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजों से परहेज करके चलने में ही भलाई है. क्योंकि इन चीजों को खाने में तो मजा आता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर बीमारियों का घर बन जाता है. इनकी वजह से मोटापा, कैंसर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज, हाई बीपी, त्वचा, बालों को नुकसान जैसी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में WHO ने इस तरह की कुछ चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी है.
सफेद ब्रेड, सफेद चावल, पास्ता, पेस्ट्री और पिज्जा जैसे फूड्स से भी परहेज करना चाहिए. चूंकि इनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी ज्यादा होती है, इससे शरीर में सूजन हो सकती है. चीनी की मात्रा ज्यादा और फाइबर कम होने से ये पेट के लिए भी नुकसानदायक हो सकते हैं.
आलू के चिप्स खाने में जितने टेस्टी होते हैं, पेट के लिए उतने ही खतरनाक. इनमें पोषण नहीं होता है. इनके सेवन से पेट में फैट और सोडियम ही मिलता है. जिसकी वजह से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर और कोलेस्ट्रॉल का खतरा हो सकता है.। बुधवार को आयोजित कार्यशाला में खाने की आदतें और कैंसर को रखा गया। कार्यशाला में छात्रों को खानपान के दौरान लापरवाही से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यशाला में केयर प्रॉमिस वेलफेयर सोसायटी के मैनेजर एनपी सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए व्यक्ति को अपने नियमित खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी न केवल शराब, धूम्रपान व तम्बाकू से ही नहीं बल्कि फास्ड फूड भी जिम्मेदार हैं।
पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन आदि भी कैंसर के कुनबे को बढ़ा ने के माध्यम बनते हैं। फास्ट फूड के अधिक सेवन से ही बच्चे भी मधुमेह केशिकार हो रहे हैं और दूषित पानी के प्रयोग और प्रदूषण से कैंसर के मामले भी सामने आए हैं। खेती के दौरान कीटनाशक और उर्वरकों का प्रयोग इन्हें जहरीला बना देता है। जो शरीर में पहुंच कर धीरे-धीरे बीमारियों को जन्म देते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अंकुरित अनाज अधिक खाना चाहिए। कार्यशाला में विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. नीरज टंडन ने कहा कि जितनी भी सावधानिया बताई गई हैं उन पर अमल करें तो हम स्वस्थ्य रहेंगे। खाने की हमें अच्छी आदतों को विकसित करना चाहिए। ताकि स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मस्तिष्क स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।
डॉ रेखा जैन
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