Posts

वोकल फॉर लोकल

वहां की हालत देखकर वह दंग रह जाती है गांव बस नाम मात्र का गांव रह गया था विदेशी ...

छोट का दामाद

`मझनिया बढ़िया खवाए रहे कि ?' `नहीं' इश्वरी गुस्से से बोली -`कमीना मारेल तब तो न...

“पितृपक्ष और महालया: परंपरा, कथा और स्मृति”

यह लेख भारत की प्राचीन पितृ परंपरा, पितृपक्ष और महालया अमावस्या के आध्यात्मिक मह...

काका हाथरसी : हिंदी हास्य-व्यंग्य के अमर कलाकार

यह लेख हिंदी साहित्य के महान हास्य-व्यंग्य कवि काका हाथरसी के जीवन, साहित्यिक यो...

रामधारी सिंह 'दिनकर'

कविता, निबंध और अन्य साहित्यिक कार्यों की समृद्ध विरासत को पीछे छोड़, २४ अप्रैल १...

पाश: क्रान्ति का कवि

एक ऐसा कवि जो सरकारों के सामने सवाल उठाता रहा, जिसने पंद्रह साल की उम्र में पहली...

आधुनिक हिंदी गद्य के जनक- भारतेंदु हरिश्चंद्र

भारतेंदु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह माने जाते हैं। उन्होंने हिंदी...

ऑपरेशन सिंदूर

यह लेख 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए जिहादी आतंकी हमले की पीड़ा, उस...

भरत भूमि अलौकिक भारत...!

यह लेख भारत भूमि की पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्राचीनता का विस्तृत वर्णन...

आज की राजनीति की दशा!

यह लेख 21वीं सदी के वर्तमान दौर में भारतीय राजनीति की जटिलताओं और चुनौतियों का स...

भारतविद्या के अनन्य साधक प्रो. वासुदेव शरण अग्रवाल

यह लेख प्रो. वासुदेव शरण अग्रवाल के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनके इतिहास-दर्शन और भा...

घर

यह कथा मनु और उसके परिवार के माध्यम से विवाह संस्था में छिपी मानसिक हिंसा, अहंका...

बूढ़ी गाँधी.. मातंगिनी हाजरा

गांव और नगर की सीमाएं अब मिटती जा रही है। अब तक हम समझते थे कि लोकनाट्यों के लिए...

लोकरंग की बहुआयामी सौगात : गवरी

गांव और नगर की सीमाएं अब मिटती जा रही है। अब तक हम समझते थे कि लोकनाट्यों के लिए...

लोकरंग की बहुआयामी सौगात : गवरी

गांव और नगर की सीमाएं अब मिटती जा रही है। अब तक हम समझते थे कि लोकनाट्यों के लिए...

'हिंदी निबंध के शिल्पकार: डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी'

यह लेख हिंदी साहित्य के महान निबंधकार डॉ. हज़ारी प्रसाद द्विवेदी के जीवन, रचना-व...