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मैं भारत हूं

मैं भारत हूं, मैं भारत हूं ,मैं भारत हूं , भारतीय सभ्यता संस्कृति की मैं विरासत...

बारिश जैसी है तुम्हारी याद

बिजली की चमक से  कौंध उठता है अतीत।

यमुना की कराह

किनारे लगी सीढ़ियों को बहुत दूर छोड़कर  यमुना ने बना लिया है अपनी मझधार को किन...

कहा क्यों नहीं?

अपने शरीर से थोड़ी दूर खड़ी हो कह रही थी खुद से जो किया सही किया माँ-बाबा का मा...

वेदना- सुजल

मानवता का शर्मनाक दृश्य  बचपन नालियाँ करता साफ कैसा होगा इनका भविष्य। ये नियत...

अनुराधा : कैसे दिन बीतें, कैसे बीती रतियां, पिया जाने न...

अंग्रेजी-फ्रेंच साहित्य का सबसे उत्कृष्ट उपन्यास का जिसे खिताब मिला है, उस 'मैडम...

जिसे देवी रुक्मणी कहा जा रहा क्या वह अंबिका प्रतिमा है?

इस प्रतिमा को रुक्मणी प्रतिमा और अंबिका मंदिर को रुक्मणी मठ बताया जा रहा है। कुण...

गुलजार की 'किताब' में पैरेंटिंग का पाठ

डाक्टर ने कहा, "मिसेज गुप्ता, हम बच्चों की तालीम में बहुत गलतियां करते हैं... टी...

भाभी की सूझबूझ

जाड़े के दिन धीरे - धीरे जा रहे थे और सूरज दादा अपना तेवर दिखाना शुरू कर रहे थे। ...

मेरे छोटे भाई

मेरे छोटे भाई जब से तू गया है , मेरे भीतर जो तर्पण चलता है,

रुधिर

अंदर का नज़ारा देखते ही, हर व्यक्ति की यही इच्छा होती की बस जीवन इसी घर में कटे, ...

सावन का महीना

माँ के प्रेम भरे स्पर्श का सुखद अहसास कराती है सुखदायक, सुहावना और मनोहारी मौसम

द्वार खुले हैं

उदास बुढिया घर लौट गयी । बेमन से ही सही पर उसने मन लगा कर शासकीय भाषा सीखी । और ...

जुगाड

वोट पडने के बाद जीत को लेकर किसी ने कुछ उलटसुलट बोला तो रहीम ने उसका काल पकड लिय...

साहित्यिक yatra

मनिहारी मेरी जन्म भूमि तो नहीं है, लेकिन कर्म भूमि जरूर है ! साहित्यिक पुष्प मेर...

हुनर

अपने क्या पराए भी साथ खड़े होंगे जीवन में कभी मुश्किलों का सामना होगा