आलेख

भारतीय साहित्य और संत परंपरा

वेदों की संख्‍या 4 है – ऋग्‍वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद। इन वेदों के 4 उप...

संत साहित्य में रहस्यवाद

संत साहित्य के अंदर रहस्यवाद एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रहस्यवाद का प्रभाव ...

मालिक मोहम्मद जायसी और पद्मावत – प्रेम का मर्म

जायसी एक भावुक, सहृदय और संवेदनशील भक्त कवि थे। उनके लिखे ग्रंथों में ‘पद्मावत’,...

दक्षिण भारत के तीन प्रसिद्ध स्थान

सने कोयम्बटूर शहर से 30 किमी दूर स्थित ईशा फांउडेशन द्वारा निर्मित 'आदि योगी ' म...

कृष्ण महामंत्र और कीर्तन के आविष्कारक

बंगाल का कीर्तन संगीत-संस्कृति के क्षेत्र में एक अद्वितीय देन था और चैतन्य द्वार...

कबीर दास की निर्गुण परंपरा

कबीर दास की निर्गुण परंपरा

कुंडलिया छंद के विकास में महिला कुंडलियाकारों की सहभागिता

"जनश्रुति है कि गिरिधर एवं उनकी पत्नी दोनों ही कुण्डलियाँ लिखते थे। जोधपुर के मु...

खेल जगत में भारतीय महिलाओं का योगदान

महिला एथलीटों की स्थिर आय और नौकरी की सुरक्षा की अनिश्चितता है। इन चुनौतियों के ...

लोपामुद्रा -अजन्मी ब्रह्मवादिनी

वैदिक स्त्रियों में कुछ अत्यंत प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण नाम हैं - घोषा, मैत्रेयी,...

नारी की चमक

एशियाई देशों के मनोदृष्टि के आधार पर ऐसा होता है। कुछ महिलाएं शादी के बाद परिवा...

श्रीमती रेखा राजवंशी और उनकी कहानियाँ

प्रस्तुत कहानी-संग्रह-‘ऑस्ट्रेलिया से रेखा राजवंशी की कहानियाँ ‘ उन्होंने मुझे स...

महिला कथाकारों द्वारा नए रास्ते की तलाश

भारतीय मूल की इसरा नोमानी अपने चुटीले लेखन के लिये प्रख्यात है। उसकी लिखी किताब ...

विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान

भारतीय महलाओं की विज्ञान के क्षेत्र की यह अतिमहत्वपूर्ण यात्रा जितनी भी कठिनाइयो...

राम कृष्ण तत्त्व के शक्ति पुंज

धर्मशास्त्र कहता है कि पिछला जन्म दुराचरण से जुड़ा है, तो बीमारियां, कर्ज, बुराई...