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अवर्णनीय माँ....

तुम अमृतमयी थीं सदैव ही मेरा अस्तित्व तुम से ही तो है जो लोरियां सुना के सुलाय...

अम्मांँ

तनिक नहीं सुख पाये अम्मांँ अपने बालकाल में बड़े-बडे़ दुख पाये अम्मांँ अपने जीवन ...

आज कल की दोस्ती

आज कल की दोस्ती, सब कुछ बदल गया डिजिटल दुनिया में यारों का तो खूब प्यार पाया

पल बीत गए

आँसू थमकर पलकों पर जम गए। राह में आपकी कई पल बीत गए। सफलता प्यार में कभी ना ...

माँ की दुआएँ

ख़ज़ाना है बड़ा अनमोल    जीने का सहारा है, दुआएँ माँ की मिल जाएँ    यही उपहार प...

श्रम का सम्मान

समाज के निर्माण में है जिनकी  महत्ता,  मजदूरों को समर्पित है  मेरी कविता। श्...

हाइकु

टूट रहा था घर और मकान माँ के मरते 

ज़मीर मरा हुआ

जिनका मर जाता है ज़मीर, वे लफ्जों को अल्फाज नहीं बना सकते, आमिर का अलम बन जाती ...

बदल गए औजार

आरी काटती है लकड़ी वसूला देता है आकार रन्दा छीलता है चिकना करता है छेनी त...

ग़ज़ल

धर्म का युद्ध

 धरा पर स्वर्ग देखने चला था,    तूने वो क्या दृश्य दिखा दिया,    चंद पल खुशी क...

भारत

भारत में विविधता संग है, भारत है निर्मल न्यारा। बिखरी पर्वों की उमंग यहां भार...

एक गीतिका

बाण शब्दों के नुकीले हो गए। कोर नैनों के पनीले हो गए।  चोट अपनों से लगी तो य...

सितारों से आगे...

मुख़्तसर सी ज़िंदगीr है  और बातें हजार  चलो, कुछ बात करते हैं  इस बात के आगे....

धम्म मार्ग

खुद के दीपक खुद बन जाएं, मन के अंधियारों को मिटाए, विश्व-शांति और प्रेम के, आ...

निर्बलों का बल

हे! भगवान  तु निर्बलों का है बल और है तु गंगा का जल  तु है किसानों का हल  और...