agnipath protests 1 2
in

बेवजह है ये अग्निपथ !!

बेवजह है ये अग्निपथ ,

सीधे मसान को भेज दो ।

खतम हो झंझट नौकरी का ,

जो भी बचा, सबको बेच दो ।।

अभी जीवनपथ जिनका शुरू हुआ,

अग्निपथ क्यों बना रहे ??

सोचो जरा उन माताओं की,

जिनके हाथों  में दे  दिए तिरंगे

क्या मुकाबला ओ करेगा ,

जिसके सर हो बहन की डोली।

कैसे संभाले खुद को, साथी समेटे है आशु,

बेवजह है ये अग्निपथ,

सीधे मसान को भेज दो ।।

खतम हो झंझट नौकरी का ,

जो बचा, सबको को बेच दो।।

लहलहा रही है ये जवानी मर मिटने को है तैयार,

खतम करो झंझट नौकरी का जो बचा हो सबको बेच दो ।।

एक छोटी सी प्रयास

साहब कुमार यादव

(मोतिहारी बिहार)

What do you think?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

IMG 20140510 WA0008

आखिर किराये का घर छोड़ कर !!

Screenshot 20221001 124106 Chrome

कह रही है अजन्मी