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मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है,

एक ऐसा प्यार,

जिसमें तुझे छूना जरूरी नहीं,

एक ऐसा प्यार,

जिसमें साथ रहना जरूरी नहीं,

मैं ईश्वर से प्यार…

तो वो मुझे तू दे,देते है।

एक ऐसा प्यार,

जिसमें चीढ़ है खोने का,

एक ऐसा प्यार,

जिसमें खीज़ है,एक न होने की

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

एक ऐसा प्यार,

जिसमें तू मेरी है,

एक ऐसा प्यार,

जिसमें मैं तेरा हूँ

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

एक ऐसा प्यार,

जिसमें तू मुझसे नाराज़ है,

एक ऐसा प्यार,

जिसमें तुझे मेरा ख्याल है।

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

एक ऐसा प्यार,

जिसकी शुरुआत तुम हो,

एक ऐसा प्यार,

जिसका अंत मैं हूँ।

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

एक ऐसा प्यार,

जिसका भरोसा तुम हो,

एक ऐसा प्यार,

जिसका धोखा मैं हूँ।

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

एक ऐसा प्यार,

जिसमें तेरी मिन्नत है,

एक ऐसा प्यार,

जिसमें बेईमान मेरी नियत है।

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

एक ऐसा प्यार,

जो सदैव तेरी सूरत है,

एक ऐसा प्यार,

जो खत्म हो तो मेरी वफ़ात है।

मैं ईश्वर से प्यार माँगता हूँ,

तो वो मुझे तू दे,देते है।।

©चन्द्र किशोर “उरेती”

31अगस्त 2022

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Written by Sahitynama

साहित्यनामा मुंबई से प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका है। जिसके साथ देश विदेश से नवोदित एवं स्थापित साहित्यकार जुड़े हैं।

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